बुधवार, 2 मार्च 2011

दोस्त और दोस्ती के लिये


नया दोस्त ताजा गुलाब की तरह 

नया दोस्त जीवन में ताजे गुलाब की तरह होता है। उसकी नई बातें, उसके नए विचार हमारे जीवन को गुलाब की खुशबू की तरह महका देते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं नयी जगह पर नए दोस्त बनाने से वहाँ रहना और घुलना-मिलना आसान हो जाता है। इसलिए जहाँ भी जाएँ, दोस्त जरूर बनाएँ क्योंकि दोस्तों के बगैर जीवन बेरंग होता है।

नए दोस्त बनाना एक कला है जो सभी को नहीं आता। हम अक्सर देखते हैं कुछ लोग आते ही तुरंत दोस्त बना लेते हैं। वे आसानी से सभी के साथ घुलमिल जाते हैं। मगर कुछ लोगों को दोस्त बनाने में वक्त लगता है। दोस्त बनाना एक अच्छी आदत है, खास तौर से नयी जगहों पर। जब भी हम नयी जगह जाते हैं अपने पुराने दोस्तों को बहुत याद करते हैं। मगर बेहतर यही होता है कि हम नए दोस्त बना लें। इसलिए हमेशा नए दोस्तों के लिए बाँहें खोलकर रखनी चाहिए।

दोस्तों का जीवन में होना बहुत जरूरी है क्योंकि आप जो बातें अपने जीवन साथी से भी नहीं कह पाते वह अपने दोस्तों से कह देते हैं। मगर इन सभी बातों के बीच सच्चाई यह भी है कि आपका स्कूल के वक्त का दोस्त हमेशा आपके साथ नहीं होगा। यानी हर नयी जगह आपको अपने लिए नए दोस्त बनाने होंगे ताकि आप वहाँ आसानी से रह सकें, आपको अपनों की कमी महसूस न हो।

नए दोस्तों का जीवन में होना बहुत जरूरी है क्योंकि हर नया दोस्त अपने साथ नयी बातें और नयी आदतें लेकर आता हैं। आप उससे तमाम अच्छी बातें सीखते हैं। उसके साथ अपको नए विचार मिलते हैं जो आपके जीवन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। दोस्त जीवन में गुलाब के फूलों की तरह होते हैं। जब भी आते हैं हमारे जीवन में नयी ताजगी भर देते हैं।

 
जीवन में हमेशा नए दोस्तों का स्वागत करना चाहिए। दोस्त बनाने के लिए हमेशा सभी से मुस्कुराते हुए मिलें। लोगों की परेशानियों में उनकी मदद करें। कभी किसी से बेवजह तू-तू, मैं-मैं न करें। नयी जगह पर जाएँ तो किसी के बात करने का इंतजार न करें। खुद आगे बढ़कर बातें करें और उन्हें दोस्त बनाएँ।

  
नए दोस्त बनते रहने से जीवन में कभी ठहराव का एहसास नहीं होता है ऐसा लगता है जैसे हर नए दोस्त के साथ जीवन में नया रंग और नयी खुशियाँ आ गईं।इसलिए आज 'मेक ए न्यू फ्रेंड डे' पर आप भी एक नया दोस्त बनाएँ। अगर नौकरी करते हैं तो अपने दफ्तर में, पढ़ाई करते हैं स्कूल या कॉलेज में दोस्त बनाएँ और दोस्त के साथ जमकर मस्ती करें।

2 टिप्‍पणियां:

  1. ” पुराने दोस्त और दोस्ती हमारे पुराने गांव की तरह होते हैं.. बरसों बाद जब हम फ़िर उनसे मिलते हैं तो कुछ बदल जाते हैं, लेकिन बहुत कुछ पहले की तरह ही होते हैं.. “

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  2. यूं तो कहने को परिवार, रिश्तेदार साथ हैं, जिन्दगी बिताने को,
    फ़िर भी एक दोस्त चाहिये, दिल की कहने- सुनने, बतियाने को!!

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